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Sahakari Sangathan kya hai - सहकारी संगठन क्या है

" सहकारिता केवल स्वामित्व का एक प्रारूप ही नहीं है बल्कि यह सीमित साधनों वाले व्यक्तियों के उत्थान के लिए एक आंदोलन है।" सहकारी समिति क्या है:-  Sahkari  samiti इसका अभिप्राय लोगों के उस ऐच्छिक संघ से है जो सदस्यों की भलाई के उद्देश्य से इकट्ठे होते हैं। सहकारी संगठन की विशेषताएं:-  Sahkari Sangathan की निम्नलिखित विशेषताएं हैं:-  स्वैच्छिक सदस्यता:-   यह व्यक्तियों का एक स्वैच्छिक संगठन होता है, अर्थात किसी भी व्यक्ति को Sahkari Samiti का सदस्य बनने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति जब चाहे इस का सदस्य बन सकता है तथा किसी भी समय सूचना देकर इसकी सदस्यता को छोड़ सकता है। सदस्यता छोड़ने पर नियमानुसार सदस्य की पूंजी वापस कर दी जाती है।  यहां विशेष बात यह है कि कोई भी सदस्य अपने अंश को किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित  नहीं कर सकता है। इनकी सदस्यता प्राप्त करने के लिए धर्म, जाति आदि का कोई बंधन नहीं है अर्थात सभी लोगों को इसकी सदस्यता प्राप्त करने का पूरा अधिकार है। लेकिन कुछ परिस्थितियों में सदस्यता को एक विशेष ग्रुप तक सीमित कर दिया जाता ...

अंतिम वस्तुएं एवं मध्यवर्ती वस्तुएं क्या होती है?

आज मैं आपको समष्टि अर्थशास्त्र के कुछ मूल अवधारणाओं के बारे में बताने वाला हूं। मुझे उम्मीद है कि समष्टि अर्थशास्त्र की अवधारणाएं आपके लिए काफी उपयोगी साबित होंगी। PART - 1 1. अर्थव्यवस्था में उत्पादित होने वाली वस्तुओं के प्रकार निम्नलिखित हैं: * अंतिम वस्तुएं एवं मध्यवर्ती वस्तुएं * उपभोक्ता वस्तुएं एवं पूंजीगत वस्तुएं * अंतिम वस्तुएं :  अंतिम वस्तुएं व वस्तुएं होती हैं जो अपने उत्पादन की अंतिम सीमा रेखा को पार कर चुकी होती हैं तथा अपने अंतिम प्रयोग करता के द्वारा प्रयोग में लाने के लिए तैयार होती हैं उन्हें अंतिम वस्तुएं कहते हैं। . अंतिम प्रयोग करता कौन होता है? अंतिम प्रयोग करता में निम्नलिखित लोग आते हैं: * उपभोक्ता * उत्पादक * मध्यवर्ती वस्तुएं : मध्यवर्ती वस्तुएं व वस्तुएं होती हैं जिन्होंने अभी तक अपने उत्पादन की अंतिम सीमा रेखा को पार नहीं किया होता है तथा अभी भी इनके मूल्य में वृद्धि की जानी होती है एवं ये अपने अंतिम प्रयोग करता द्वारा प्रयोग में भी लाने के लिए तैयार नहीं होते हैं। * उपभोक्ता वस्तुएं : उपभोक्ता वस्तुएं व वस...

Bima kise kehte Hai - बीमा किसे कहते हैं

" Bima वह विधि है जो एक व्यक्ति के जोखिम को अनेक व्यक्तियों में विभाजित करती है।" Bima का परिचय:-  मानव का जीवन अनिश्चित होता है। मानव जीवन ही नहीं बल्कि पृथ्वी पर उत्पन्न होने वाले प्रत्येक जीव एवं वस्तु पर जीवन की अनिश्चितता की बात लागू होती है। मानव का जीवन भी अनिश्चित होने के कारण मानव या उसके परिवार को इस क्षति का सामना करना पड़ता है।  हम संपत्ति की क्षति को पूरी तरीके से समाप्त कर सकते हैं परंतु हम मानव के जीवन की क्षति समाप्त करना असंभव है परंतु हम मृतक के परिवार को आर्थिक रूप से सहायता जरूर प्राप्त करवा सकते हैं। मानव जीवन व संपत्ति की क्षति से होने वाली हानि को कम अथवा समाप्त करने का एक माध्यम है जिसे हम Bima के नाम से जानते हैं। Bima ke kuch mukhya Shabdavali :-  बीमक अथवा बीमाकर्ता:- बीमा करने वाले अर्थात दूसरे के जोखिम का उत्तरदायित्व अपने ऊपर लेने वाले को हम बीमाकर्ता कहते हैं। बीमित अथवा बीमाधारी:- जिस का बीमा किया जाता है अर्थात जिसकी जोखिम का उत्तरदायित्व बीमाकर्ता अपने ऊपर लेता है उसे हम बीमाधारी कहते हैं। प्रीमियम:- बीमा कर्ता द्वारा अपनी सेवाएं प्रदा...