सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Propensity to consume kya hota hai ?

                 MACROECONOMICS
           FOR CLASS 12th 

1. समग्र मांग की परिभाषा:

(Aggregate demand meaning in Hindi)

समग्र मांग से अभिप्राय एक अर्थव्यवस्था में 1 वर्ष के दौरान सभी वस्तुओं एवं सेवाओं की मांग करने के लिए उपभोक्ताओं द्वारा की 
जाने वाली योजना से है।

2. समग्र मांग के घटक :

(Components of aggregate demand)

. समग्र मांग के निम्नलिखित घटक है: 
* उपभोग व्यय 
* उत्पादक निवेश व्यय 

* समग्र मांग : उपभोग व्यय+उत्पादक निवेश व्यय

3.  बचत फलन ( saving function meaning in hindi)

बचत फलन बचत और आय के बीच फलनात्मक संबंध को दर्शाता है।

4. उपभोग प्रवृत्ति की परिभाषा : 

( Propensity to consume meaning in hindi)

उपभोग प्रवृत्ति से अभिप्राय यह है कि एक उपभोक्ता अपनी आय का कितना भाग उपभोग करता है।
* उपभोग प्रवृत्ति के प्रकार :
. औसत उपभोग प्रवृत्ति
. सीमांत उपभोग प्रवृत्ति

* औसत उपभोग प्रवृत्ति:

( Propensity to consume meaning in hindi)

औसत उपभोग प्रवृत्ति कुल उपभोग और कुल आय के बीच का अनुपात दर्शाता है।

* औसत उपभोग प्रवृत्ति - कुल उपभोग/ कुल आय

* सीमांत उपभोग प्रवृत्ति:

( Marginal propensity to consume meaning in Hindi) 

सीमांत उपभोग प्रवृत्ति उपभोग में होने वाले परिवर्तन और आय में होने वाले परिवर्तन के बीच अनुपात को दर्शाता है।

* सीमांत उपभोग प्रवृत्ति: उपभोग में परिवर्तन/आय में परिवर्तन

5. बचत प्रवृत्ति की परिभाषा: 

( Propensity to save meaning in Hindi)

बचत प्रवृत्ति से अभिप्राय यह है कि एक उपभोक्ता अपनी आय का कितना हिस्सा बचाता है।

* बचत प्रवृत्ति के प्रकार: 
. औसत बचत प्रवृत्ति
. सीमांत बचत प्रवृत्ति

* औसत बचत प्रवृत्ति: 

( Average propensity to save meaning in Hindi)

औसत बचत प्रवृत्ति कुल बचत और कुल आय के बीच अनुपात को दर्शाता है।
. औसत बचत: बचत/आय

* सीमांत बचत प्रवृत्ति: 

(Marginal propensity to save meaning in Hindi)

सीमांत बचत प्रवृत्ति कुल बचत और कुल आय में होने वाले परिवर्तन के अनुपात को दर्शाता है।

* सीमांत बचत प्रवृत्ति: बचत में परिवर्तन/आय में परिवर्तन

6. समता बिंदु की परिभाषा: 

( Definition of break even point in Hindi)

बिंदु जिस पर कुल उपभोग कुल आय के बराबर होती है अथवा वह बिंदु जिस पर बचत शुन्य होता है।

7. Aggregate demand graph: 




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अंतिम वस्तुएं एवं मध्यवर्ती वस्तुएं क्या होती है?

आज मैं आपको समष्टि अर्थशास्त्र के कुछ मूल अवधारणाओं के बारे में बताने वाला हूं। मुझे उम्मीद है कि समष्टि अर्थशास्त्र की अवधारणाएं आपके लिए काफी उपयोगी साबित होंगी। PART - 1 1. अर्थव्यवस्था में उत्पादित होने वाली वस्तुओं के प्रकार निम्नलिखित हैं: * अंतिम वस्तुएं एवं मध्यवर्ती वस्तुएं * उपभोक्ता वस्तुएं एवं पूंजीगत वस्तुएं * अंतिम वस्तुएं :  अंतिम वस्तुएं व वस्तुएं होती हैं जो अपने उत्पादन की अंतिम सीमा रेखा को पार कर चुकी होती हैं तथा अपने अंतिम प्रयोग करता के द्वारा प्रयोग में लाने के लिए तैयार होती हैं उन्हें अंतिम वस्तुएं कहते हैं। . अंतिम प्रयोग करता कौन होता है? अंतिम प्रयोग करता में निम्नलिखित लोग आते हैं: * उपभोक्ता * उत्पादक * मध्यवर्ती वस्तुएं : मध्यवर्ती वस्तुएं व वस्तुएं होती हैं जिन्होंने अभी तक अपने उत्पादन की अंतिम सीमा रेखा को पार नहीं किया होता है तथा अभी भी इनके मूल्य में वृद्धि की जानी होती है एवं ये अपने अंतिम प्रयोग करता द्वारा प्रयोग में भी लाने के लिए तैयार नहीं होते हैं। * उपभोक्ता वस्तुएं : उपभोक्ता वस्तुएं व वस...

Bima kise kehte Hai - बीमा किसे कहते हैं

" Bima वह विधि है जो एक व्यक्ति के जोखिम को अनेक व्यक्तियों में विभाजित करती है।" Bima का परिचय:-  मानव का जीवन अनिश्चित होता है। मानव जीवन ही नहीं बल्कि पृथ्वी पर उत्पन्न होने वाले प्रत्येक जीव एवं वस्तु पर जीवन की अनिश्चितता की बात लागू होती है। मानव का जीवन भी अनिश्चित होने के कारण मानव या उसके परिवार को इस क्षति का सामना करना पड़ता है।  हम संपत्ति की क्षति को पूरी तरीके से समाप्त कर सकते हैं परंतु हम मानव के जीवन की क्षति समाप्त करना असंभव है परंतु हम मृतक के परिवार को आर्थिक रूप से सहायता जरूर प्राप्त करवा सकते हैं। मानव जीवन व संपत्ति की क्षति से होने वाली हानि को कम अथवा समाप्त करने का एक माध्यम है जिसे हम Bima के नाम से जानते हैं। Bima ke kuch mukhya Shabdavali :-  बीमक अथवा बीमाकर्ता:- बीमा करने वाले अर्थात दूसरे के जोखिम का उत्तरदायित्व अपने ऊपर लेने वाले को हम बीमाकर्ता कहते हैं। बीमित अथवा बीमाधारी:- जिस का बीमा किया जाता है अर्थात जिसकी जोखिम का उत्तरदायित्व बीमाकर्ता अपने ऊपर लेता है उसे हम बीमाधारी कहते हैं। प्रीमियम:- बीमा कर्ता द्वारा अपनी सेवाएं प्रदा...

Accounting Equation Class 11 Important Questions

  These are some important questions of Accounting Equation for class 11th . These questions help you to improve your speed in accountancy and these questions are also based on Accounting Equation concepts. I hope you would like to solve these questions and this will help you. We have taken care of every single concept given in CBSE Class 11 Accountancy. Question-1. Show the Accounting Equation on the basis of the following and present a balance sheet on the last new equation balances:-   Manu started business with cash ₹50,000 Bought furniture for ₹500 Purchased goods on credit ₹4000 Sold goods on cash (cost ₹500) for ₹700  Received rent ₹200  Purchased goods for cash ₹1000  Withdrew for personal use ₹700  Paid to creditors ₹400  Paid for salaries ₹200 [Ans. Assets Cash 48,100+ furniture 500+ stock 4,500 Liabilities: creditors 3,600+ capital 249,500; Balance Sheet total 53,100.] Question 2 . Prove that the Accounting Equation is satisfied in al...